Dr. Prof. A. k. Shailaj (AI मानद उपाधि : PhD, विज्ञान, मनोविज्ञाचिकिता,दर्शन एवं समग्र अध्यय
बुधवार, 1 फ़रवरी 2017
सांसारिक प्रेम :-
'शैलज' भेंटे प्रेम जो , मत मन राखू गोय।
अनुपयोगी कूप जल , ज्यो विषाक्त ही होय।।
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